पहली रोटी गाय की

अपने माता-गिता के प्रति अत्याधिक आदरभाव त था गौभाता के प्रति अटूट प्रेम के कारण श्री ज्ञान चन्द वालिया जी के दिमाग में बार-बार विचार आता कि जब परमात्मा को इतनी सुन्दर परिकल्पना का परिणाम है माँ-बाप और गौमाता, तब ये असहाय और बेबस क्यों? इनकी बेबसी के चलते मानव-जीवन सुखी कैसे हो सकता है?

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